मेरे इश्क़ पे, आज हँस ले ज़माना, वादा है मेरा, वो दिन आयेगा
छू लेगा बुलँदी, ये इश्क़ मेरा, होगा मेरा सवेरा, वो दिन आयेगा

मेरे पास माना, सिवा ये मुहब्बत, कुछ भी नही है
मगर हाथ जब वो , मेरे हाथ में है, मुझे क्या कमी है
यकीं है ये मेरा, इस सच्ची वफ़ा पे, ख़ुदा भी झुकेगा, वो दिन आयेगा
छू लेगा बुलँदी, ये इश्क़ मेरा, होगा मेरा सवेरा, वो दिन आयेगा

साथ सबने है छोड़ा, हम दर बदर हैं, दिल भी दुखा है
पर धरती है नीचे,अौर छत आसमाँ है, क्या तुमको पता है
सपनो के महल में, इसी ज़मीं पर, होगा अपना बसेरा, वो दिन आयेगा
छू लेगा बुलँदी, ये इश्क़ मेरा, होगा मेरा सवेरा, वो दिन आयेगा

लोग तँज भी कसेंगे, कई इल्ज़ाम देंगे, कुछ उनसे ना कहना
ये अँधेरे भी होंगे, अपनी वफ़ा पर, मगर याद रखना
इसी आसमाँ पे, सारे जहाँ में, अपना सूरज उगेगा, वो दिन आयेगा
छू लेगा बुलँदी, ये इश्क़ मेरा, होगा मेरा सवेरा, वो दिन आयेगा

वक़्त का ये गुजरना, मौसमोँ का बदलना, कौन रोक सका है
ये छोटी सी बातें , गर समझे ना कोई , तो ये उनकी ख़ता है
ख़िज़ाँ लम्बी भले हो , आएँगी बहारें , फिर फूल खिलेगा, वो दिन आयेगा
छू लेगा बुलँदी, ये इश्क़ मेरा, होगा मेरा सवेरा, वो दिन आयेगा

मेरे इश्क़ पे, आज हँस ले ज़माना, वादा है मेरा, वो दिन आयेगा
छू लेगा बुलँदी, ये इश्क़ मेरा, होगा मेरा सवेरा, वो दिन आयेगा

raise
sharma.nishu@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *